भारत और अफ्रीका के बीच होने वाले चौथे भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन में देरी हुई है। यह सम्मेलन नई दिल्ली में 28 से 31 मई के बीच आयोजित होना था। इस देरी के बावजूद, अफ्रीका के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने में भारत की दवा सहायता महत्वपूर्ण बनी हुई है। भारत, अफ्रीका को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है। अफ्रीका महाद्वीप में कई देशों को दवाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, और भारत इस कमी को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत की दवा कंपनियां अफ्रीका में जेनेरिक दवाओं का निर्यात करती हैं, जिससे वहां के लोगों को किफायती दामों पर इलाज मिल पाता है। यह सहयोग अफ्रीका के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रहा है।
