पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दो बार अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे वरिष्ठों ने अस्वीकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, दोनों बार इस्तीफे की पेशकश व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि सरकार में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर थी। हालांकि, बाद में स्थिति में बदलाव आया। यह बदलाव किस वजह से आया, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन अनुमान है कि सरकार में कुछ रणनीतिक बदलावों के कारण ऐसा हुआ होगा। इस घटनाक्रम से राजनीतिक गलियारों में हलचल है और भविष्य में संभावित मंत्रालयीय फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस मामले पर क्या रुख अपनाती है।