भारत के शीर्ष अर्थशास्त्रियों के अनुसार, हाल ही में जारी जीडीपी आँकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन ‘विकसित भारत 2047’ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ये पर्याप्त नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर उच्च विकास दर बनाए रखने के लिए संरचनात्मक सुधारों और निवेश में वृद्धि की आवश्यकता है। जीडीपी में वृद्धि दर संतोषजनक है, फिर भी यह देश की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए पर्याप्त नहीं है। विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में और अधिक निवेश की आवश्यकता है। इन अर्थशास्त्रियों का कहना है कि समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना भी महत्वपूर्ण है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए निरंतर प्रयासों और दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है। इन उपायों से भारत एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बन सकता है।

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