भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में 11.48 बिलियन डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 740.8 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। यह वृद्धि देश की आर्थिक स्थिति के लिए एक सकारात्मक संकेत है। भंडार में यह उछाल विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों, सोने के भंडार और विशेष आहरण अधिकारों (एसडीआर) में वृद्धि के कारण हुआ है। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार भारत को वैश्विक आर्थिक झटकों से निपटने और अपनी आयात आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि रुपये की स्थिरता में भी योगदान देगा। इस भंडार वृद्धि से भारत की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। यह आंकड़ा देश की मजबूत आर्थिक नींव को दर्शाता है।