भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया है, जो भ्रष्टाचार और उच्च बेरोजगारी दर के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। मूल रूप से, प्रदर्शन मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के लीक होने के कारण शुरू हुए थे। छात्रों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और पारदर्शिता की मांग की। प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों की मांगों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह घटना भारतीय शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की गंभीर समस्याओं पर प्रकाश डालती है। अब नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।