नई दिल्ली में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है। इसके लिए भारतीय रुपये में लगभग 14.2 प्रतिशत की निरंतर वृद्धि आवश्यक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भारत यह दर बनाए रखने में सफल रहता है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरेगा। यह वृद्धि टिकाऊ होनी चाहिए और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करना होगा। रिपोर्ट में नीति निर्माताओं के लिए सतत विकास और आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने की सिफारिश की गई है। मजबूत बुनियादी ढांचे और कुशल श्रम शक्ति के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। यह अनुमान भारत की आर्थिक संभावनाओं के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

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