एसबीआई रिसर्च के अनुसार, भारत में वास्तविक ब्याज दरें कम होने के बावजूद जमा राशि में वृद्धि हुई है। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि ब्याज दरें घटने के बावजूद लोगों ने बैंक में पैसे जमा करने में रुचि बनाए रखी है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह दर्शाता है कि लोग अभी भी बैंकिंग प्रणाली पर भरोसा करते हैं। शोध में यह भी कहा गया है कि जमा वृद्धि में सुधार विभिन्न कारकों के कारण हुआ है, जिसमें वित्तीय समावेशन में वृद्धि और डिजिटल बैंकिंग का प्रसार शामिल है। एसबीआई का मानना है कि आने वाले महीनों में यह रुझान जारी रहने की संभावना है। यह बैंकों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि उन्हें ऋण देने के लिए अधिक धन उपलब्ध होगा। इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।