भारत में जन्म दर में गिरावट देखी जा रही है, जिसके कई कारण हैं। बेंगलुरु में एक जनसंपर्क कंपनी चलाने वाली निधि अग्रवाल और उनके पति ने शादी के तुरंत बाद संतान न लेने का फैसला किया था, और वे पिछले नौ वर्षों से इस पर कायम हैं। निधि का कहना है कि उन्होंने शादी से पहले कभी बच्चे पैदा करने के बारे में बात नहीं की, बल्कि उनकी चर्चा आर्थिक स्थिति और करियर के लक्ष्यों पर केंद्रित थी। यह प्रवृत्ति शहरी क्षेत्रों में अधिक स्पष्ट है, जहां महिलाएं करियर को प्राथमिकता दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा, करियर के अवसर और आर्थिक दबाव जैसे कारक जन्म दर में कमी का कारण बन रहे हैं। यह बदलाव भारत की जनसांख्यिकीय संरचना पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
