मुंबई में ईसाई समुदाय आगामी धर्मांतरण विरोधी कानून के चलते चिंतित है। लगभग 4,000 चर्चों ने स्वयंसेवक रूप से चर्च आने और धर्मांतरण के लिए मजबूर न होने की सहमति प्रपत्र एकत्र करना शुरू कर दिया है। यह कदम कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए उठाया जा रहा है, खासकर जब कुछ हिंदू दक्षिणपंथी समूहों द्वारा जबरन धर्मांतरण के आरोपों के तहत प्रार्थना सभाओं में बाधा डाली जा रही है। चर्चों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी निर्णय लिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। ईसाई समुदाय का मानना है कि महाराष्ट्र का नया कानून, जो 28 अगस्त से लागू है, हमले और बढ़ा सकता है। यह कानून भारत के 28 राज्यों में से 13वां ऐसा कानून है जो धर्मांतरण को नियंत्रित करता है, जिसके कारण ईसाई समुदाय के अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।