भारतीय छात्रों के लिए विदेश में शिक्षा प्राप्त करना अब महंगा और कठिन होता जा रहा है। रुपये के मूल्य में भारी गिरावट और वीजा नियमों को सख्त करने के कारण कई छात्र अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार कर रहे हैं। झारखंड की प्रगति प्रिया (29) जैसी कई लोगों ने वर्षों की तैयारी के बाद भी विदेश में मास्टर डिग्री हासिल करने में कठिनाई महसूस कर रही हैं। मुद्रा के अवमूल्यन से ट्यूशन फीस और रहने का खर्च बढ़ गया है, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, वीजा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी जटिल हो गई है, जिससे छात्रों की अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह स्थिति भारतीय छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों को प्रभावित कर सकती है। कई छात्र अब घरेलू विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
