चीनी वैज्ञानिकों ने हिंद महासागर में व्हेल के जीवाश्मों का एक विशाल कब्रिस्तान खोजा है। यह पृथ्वी पर व्हेल के अवशेषों और उनसे विकसित पारिस्थितिकी तंत्र का अब तक का सबसे बड़ा ज्ञात स्थल है। कैस (CAS) के शोधकर्ताओं द्वारा नेचर पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, यहाँ पाए गए जीवाश्म लगभग 5.3 मिलियन वर्ष पुराने हैं। यह खोज व्हेल के जीवन और मृत्यु के पैटर्न पर नई रोशनी डालती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि व्हेल इस विशेष स्थान पर मरने और सड़ने के लिए आती रही हैं, जिससे एक अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र का विकास हुआ। इस कब्रिस्तान में व्हेल के कंकाल और उनसे संबंधित जीवों के अवशेष बहुतायत में पाए गए हैं। यह खोज समुद्री जीव विज्ञान और भूगर्भ विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।