एक रक्षा खरीद घोटाले में फंसी भारतीय कंपनी का कहना है कि उसने अधिकांश गोला-बारूद पहुंचा दिया था और एस्टोनिया द्वारा अनुबंध समाप्त न करने पर सभी दायित्वों को पूरा कर सकता था। एस्टोनियाई प्रकाशन, एस्टी एक्सप्रैस के अनुसार, कंपनी का दावा है कि अनुबंध रद्द होने से उसे वित्तीय नुकसान हुआ। कंपनी ने जोर देकर कहा कि वे अनुबंध की शर्तों को पूरा करने में सक्षम थे। यह विवाद एस्टोनिया द्वारा किए गए रक्षा खरीद सौदों की जांच के बीच सामने आया है। कंपनी का कहना है कि वे इस मामले में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और अपनी बात रखने के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सकते हैं। यह मामला अब कानूनी विवाद का रूप ले सकता है, क्योंकि कंपनी नुकसान की भरपाई के लिए कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। इस घटना से एस्टोनिया की रक्षा खरीद प्रक्रियाओं पर सवाल उठ रहे हैं।