भारतीय एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने लद्दाख के लिए छठी अनुसूची की मांग को लेकर भी यह हड़ताल की थी। वांगचुक ने आरोप लगाया कि परीक्षाओं में धांधली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है। उनकी भूख हड़ताल के दौरान कई लोगों ने उनका समर्थन किया और सरकार पर कार्रवाई करने का दबाव बनाया। सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और वांगचुक को उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस हड़ताल के अंत से छात्रों और कार्यकर्ताओं में राहत की भावना है। उम्मीद है कि अब लद्दाख के मुद्दे पर भी सरकार ध्यान देगी।

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