लंदन में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CETA) को लेकर उठ रही आर्थिक नुकसान की आशंकाओं को खारिज किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता भारत के घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों की रक्षा करेगा। गोयल ने आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी ऐसे प्रावधान को स्वीकार नहीं करेगी जो भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करे। उन्होंने बताया कि बातचीत अभी भी जारी है और दोनों देश एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं। समझौते में कृषि उत्पादों, निवेश और बौद्धिक संपदा अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। गोयल ने यह भी कहा कि भारत एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और CETA इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने की क्षमता रखता है।