प्रधानमंत्री ने फ्रांस में कहा कि भारत अब केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर योगदान देने वाला देश बन गया है। उन्होंने भारत की नवाचार क्षमता पर जोर दिया और इसे देश के डीएनए का हिस्सा बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत अब तकनीकी विकास और अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बदलाव भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। प्रधानमंत्री का यह बयान भारत की नई वैश्विक भूमिका और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत की तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।
