अमेरिकी राजदूत के अनुसार, भारत सरकार प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की हालिया प्रेस वार्ता के दौरान कोई सवाल नहीं पूछना चाहती थी। यह अनुरोध अमेरिका द्वारा स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस बात को भुला दिया और पत्रकारों से सवाल पूछने के लिए कह दिया। इस घटना ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रोटोकॉल पर थोड़ी अनिश्चितता पैदा कर दी। राजदूत ने स्पष्ट किया कि यह किसी भी तरह से द्विपक्षीय संबंधों में खटास नहीं है, बल्कि एक छोटी सी भूल थी। इस घटना के बावजूद, भारत और अमेरिका के बीच मजबूत और फलदायी संबंध बने हुए हैं। दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत की और भविष्य में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। यह घटना प्रोटोकॉल के महत्व और अंतरराष्ट्रीय मंच पर सावधानी बरतने की आवश्यकता को दर्शाती है।