भारत में भुगतान नियमों में बदलाव के कारण व्यापारियों को कुछ त्वरित भुगतान पर शुल्क देना पड़ सकता है। व्यापारियों और विशेषज्ञों ने सीएनए को बताया कि मामूली शुल्क भी मुनाफे को कम कर सकते हैं। यह बदलाव भारत के व्यापार जगत में चिंता पैदा कर रहा है, क्योंकि कई व्यापारी पहले से ही लागत बढ़ने से जूझ रहे हैं। उनका मानना है कि यह शुल्क, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए, अतिरिक्त बोझ होगा। विश्लेषकों का कहना है कि इन शुल्कों का असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है, क्योंकि व्यापारी लागत को ग्राहकों पर स्थानांतरित करने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इस संदर्भ में, व्यापारियों का कहना है कि इन शुल्कों को व्यवसाय द्वारा अवशोषित किया जाना चाहिए। इस नए नियम से भारत के डिजिटल भुगतान परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।

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