भारत सरकार ने महिला पत्रकारों पर हाल ही में हुए हमलों पर चिंता व्यक्त की है। सरकार ने कहा है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि ये हमले कौन कर रहा है – क्या ये 'रील-मेकर' हैं या पत्रकार। यह बयान मीडिया में व्याप्त असुरक्षा और रिपोर्टरों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है। सरकार ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है और दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है। इस घटना ने मीडिया की स्वतंत्रता और महिला पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। सरकार का कहना है कि वह पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि हमले के पीछे कौन है और इसका क्या मकसद था।