एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मुद्रास्फीति FY27 तक 5% तक बढ़ने का अनुमान है, जिसमें कोर मुद्रास्फीति 4.6% रहने की संभावना है। ICICI बैंक ग्लोबल मार्केट्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और खाद्य एवं ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस खतरे को देखते हुए, अगले कुछ समय में 50 से 75 आधार अंकों तक ब्याज दरों में वृद्धि की जा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकते हैं। खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से सब्जियों और फलों की कीमतों में वृद्धि भी चिंता का विषय है। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं, लेकिन स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिए सख्त मौद्रिक नीति अपनाई जा सकती है।
