भारत 2025 तक जहाज़ तोड़ने के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बन जाएगा। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वैश्विक जहाज़ पुनर्चक्रण में पहला स्थान प्राप्त किया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत का वैश्विक बाजार में हिस्सा लगातार बढ़ा है। यह उपलब्धि भारत की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे के विकास का परिणाम है। इस क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे। पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए जहाज़ों को तोड़ने की प्रक्रिया को सुरक्षित और कुशल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। भारत सरकार इस क्षेत्र को और विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
