विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी देशों द्वारा रूस से तेल खरीदने पर भारत की आलोचना का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी हथियार अप्रत्यक्ष रूप से भारत पर हमलों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि पश्चिमी देश रूस से तेल खरीदने पर सवाल उठाते हैं। जयशंकर ने इस दोहरे मापदंड को उजागर करते हुए कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और सभी स्रोतों से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लेता है। विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों से भारत की स्थिति को समझने और रूस से तेल खरीदने के फैसले का सम्मान करने का आग्रह किया। यह बयान यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भारत की तटस्थता और ऊर्जा नीति को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है और अपनी विदेश नीति स्वयं निर्धारित करता है।