एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक जांच में पता चला है कि भारत में सुरक्षा बलों ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस, छर्रे वाली बंदूकें और बिजली के झटके देने वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया। यह रिपोर्ट विशेष रूप से ‘जनरेशन Z’ के विरोध प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग पर केंद्रित है। जांच में पाया गया कि सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। एमनेस्टी ने इन घटनाओं की स्वतंत्र जांच की मांग की है और सुरक्षा बलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। रिपोर्ट में बल प्रयोग के संबंध में अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन होने की भी बात कही गई है। यह खुलासा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिए चिंता का विषय है और सरकार पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा सकता है। एमनेस्टी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए अत्यधिक बल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

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