देश में एक स्वतंत्र और जवाबदेह मीडिया ढांचे की स्थापना के लिए सरकार द्वारा एक स्वतंत्र मीडिया आयोग बनाने की पहल को मीडिया जगत के हितधारकों ने सकारात्मक माना है। हालांकि, आयोग के गठन की प्रक्रिया में मीडिया मालिकों, संपादकीय संगठनों, पत्रकारों के प्रतिनिधियों, संपादकों, कानून विशेषज्ञों, पत्रकारिता शिक्षकों और मीडिया विकास संगठनों सहित अन्य हितधारकों की राय और भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक भागीदारी के बिना आयोग प्रभावी नहीं हो पाएगा। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आयोग सभी संबंधित पक्षों के विचारों को ध्यान में रखे। एक समावेशी दृष्टिकोण से ही आयोग मीडिया की स्वतंत्रता और जवाबदेही को बढ़ावा देने में सफल हो सकता है। आयोग का उद्देश्य मीडिया के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना होना चाहिए। हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से आयोग एक मजबूत और विश्वसनीय संस्था बन सकती है।