भ्रष्टाचार विशेषज्ञ पॉल हॉफमैन ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए एक नई, राजनीतिक रूप से स्वतंत्र संस्था बनाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने मौजूदा भ्रष्टाचार विरोधी निकाय, IDAC को भंग करने की वकालत की है। हॉफमैन का तर्क है कि IDAC राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा है। नई संस्था को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कार्य करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। विशेषज्ञ ने एक ऐसे तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया है जो बिना किसी बाहरी प्रभाव के स्वतंत्र रूप से जांच कर सके और दोषियों को दंडित कर सके। यह कदम भ्रष्टाचार को कम करने और सुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।