नई सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है - बदलाव और अनुभव के बीच संतुलन बनाना। यह सरकार एक नई सोच और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहती है, जो उन लोगों से आ रही है जो पहले शासन प्रणाली से बाहर थे। वहीं, सरकार को कुशल तकनीशियनों की क्षमताओं का भी उपयोग करना होगा ताकि नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। यह एक कठिन काम है क्योंकि बाहरी लोगों का उत्साह और अनुभवी लोगों की विशेषज्ञता को साथ लाना आसान नहीं है। इस संतुलन को साधने की क्षमता ही सरकार की सफलता की कुंजी होगी। यह सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है कि वह नए विचारों को कैसे अपनाती है और पुरानी व्यवस्था में सुधार कैसे करती है। इस चुनौती का सामना करने की सरकार की तैयारी पर ही भविष्य निर्भर करेगा।