चेक बाउंस के एक मामले में, अदालत को सुनवाई के दौरान एक महिला, मनोवारा की पहचान और मामले से जुड़े तथ्यों पर संदेह हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला कि वह असली अभियुक्त नहीं है। मनोवारा किसी अन्य व्यक्ति की ओर से अदालत में पेश हुई थी, जिसके कारण यह मामला सामने आया। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मनोवारा को दो दिनों के लिए रिमांड पर भेज दिया है ताकि मामले की पूरी जांच की जा सके। पुलिस अब असली अभियुक्त की तलाश में जुट गई है और मनोवारा से पूछताछ जारी है। इस मामले ने अदालत में ‘प्रतिनिधि’ बनकर पेश होने की प्रथा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मनोवारा को ऐसा करने के लिए किसने कहा था और इस मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका है।