अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग शामिल हैं, को मापने के लिए एक नई सहमति ज्ञापिका (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग चीन की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से समझने और उसका आकलन करने के उद्देश्य से किया गया है। IMF का मानना है कि चीन की डिजिटल प्रगति को रोकना संभव नहीं है और इस क्षेत्र में सटीक डेटा का अभाव वैश्विक आर्थिक विश्लेषण में बाधा उत्पन्न करता है। यह पहल डिजिटल अर्थव्यवस्था के आकार और योगदान को मापने के लिए एक मानकीकृत पद्धति विकसित करने पर केंद्रित होगी। इस सहयोग से वैश्विक स्तर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था के मूल्यांकन में सुधार होने की उम्मीद है। यह चीन की आर्थिक नीतियों और वैश्विक आर्थिक रुझानों पर IMF के विश्लेषण को भी मजबूत करेगा। यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास और विनियमन के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क स्थापित करने में मदद कर सकता है।
