अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ एक आकस्मिक ऋण समझौते पर सहमति हुई थी। हालांकि, देश के अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा भंडार का स्तर संतोषजनक होने के कारण, आईएमएफ़ से धन का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वर्तमान में, देश की वित्तीय स्थिति स्थिर है और बाहरी दबावों का सामना करने में सक्षम है। सरकार ने भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए यह समझौता एक सुरक्षा उपाय के रूप में किया था। यह समझौता देश की आर्थिक नीतियों के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में भी सहायक है। आईएमएफ़ के साथ यह सहमति देश की वित्तीय लचीलापन और प्रबंधन क्षमता को दर्शाती है। भविष्य में यदि आर्थिक परिस्थितियाँ प्रतिकूल होती हैं, तो इस समझौते के तहत धन उपलब्ध हो सकता है।
