पहचान पार्टी ने आगामी चुनावों के मद्देनज़र आज एक ‘आपातकालीन सम्मेलन’ आयोजित किया। इस दौरान, पार्टी ने सरकार और सैन्य अधिकारियों पर ‘कन्सेप्शन’ जारी रखने का आरोप लगाया और गहरा सत्ता परिवर्तन करने का आह्वान किया। पार्टी का कहना है कि 77 से ही दक्षिणपंथी मतदाताओं के वोटों को बर्बाद किया जा रहा है। सम्मेलन में सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई और मतदाताओं से बदलाव के लिए वोट देने का आग्रह किया गया। पहचान पार्टी का मानना है कि देश को एक नई दिशा देने के लिए सत्ता में बदलाव आवश्यक है। पार्टी ने इस अवसर पर अपनी आगामी योजनाओं और नीतियों की भी घोषणा की। इस सम्मेलन का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटाना और मतदाताओं को पार्टी के प्रति आकर्षित करना था।