आइसलैंड ने यूरोपीय संघ (EU) में शामिल होने की सदस्यता वार्ता को फिर से शुरू करने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। कल हुए जनमत संग्रह के बाद आज वोटों की गिनती के बाद, 'नहीं' पक्ष 52.8% वोटों के साथ विजयी रहा। यह फैसला आइसलैंड के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो पहले EU सदस्यता के लिए बातचीत कर रहा था। इस परिणाम से संकेत मिलता है कि आइसलैंड के मतदाता फिलहाल यूरोपीय संघ में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं। जनमत संग्रह देश में एक गर्म मुद्दा रहा है, और इस परिणाम का आइसलैंड की विदेश नीति और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है। अब आइसलैंड यूरोपीय संघ के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करेगा।