आइसलैंड में यूरोपीय संघ (EU) में शामिल होने की संभावना को लेकर हुए जनमत संग्रह में, यूरोपीय संघ में प्रवेश की बातचीत के विरोधियों ने जीत हासिल की है। इस परिणाम से आइसलैंड की यूरोपीय संघ की सदस्यता की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। जनमत संग्रह में स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया गया है कि आइसलैंड के नागरिक वर्तमान में यूरोपीय संघ के साथ घनिष्ठ संबंधों के पक्ष में नहीं हैं। यह फैसला देश की आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता को बनाए रखने की इच्छा को दर्शाता है। पूर्व में, आइसलैंड ने 2009 में यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए आवेदन किया था, लेकिन आर्थिक संकट और राजनीतिक बदलावों के कारण प्रक्रिया बाधित हो गई थी। अब, इस जनमत संग्रह के बाद, यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। यह परिणाम यूरोपीय संघ के लिए भी एक झटका है, क्योंकि आइसलैंड का सदस्य बनना यूरोपीय संघ की भौगोलिक उपस्थिति को मजबूत कर सकता था।