आइसलैंड में यूरोपीय संघ की सदस्यता पर हुए जनमत संग्रह के शुरुआती रुझानों से पता चल रहा है कि देश के लोग यूरोपीय संघ में शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं। अभी तक सभी मतों की गिनती नहीं हुई है, लेकिन विरोधियों की राय मजबूत होती दिख रही है। यूरोपीय संघ में शामिल होने की दिशा में बातचीत शुरू करने के खिलाफ मतदाताओं का समर्थन बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है। इस परिणाम से आइसलैंड की यूरोपीय संघ के साथ भविष्य की संभावित बातचीत पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि आइसलैंड की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता को लेकर चिंताएं इस फैसले के पीछे मुख्य कारण हैं। यह परिणाम यूरोपीय संघ के लिए भी एक झटका है, जो अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अंतिम परिणाम आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।