अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) आप्रवासियों को ट्रैक करने के लिए एक गुप्त रणनीति का उपयोग कर रही है। इस रणनीति में नकली सेल टावरों का उपयोग करके लोगों के मोबाइल फोन डेटा को ट्रैक किया जाता है। जांच में पता चला है कि इस प्रक्रिया में स्थापित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। ICE ने इस तकनीक का उपयोग आप्रवासियों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए किया है। गोपनीयता अधिवक्ताओं ने इस निगरानी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, इसे नागरिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है। यह खुलासा ICE की निगरानी क्षमताओं और आप्रवासियों की गोपनीयता के संबंध में सवाल उठाता है। इस मामले में कानूनी और नैतिक पहलुओं पर बहस छिड़ गई है।