अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आई.सी.ई.) अपने अधिकारियों के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट की निगरानी कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह गतिविधि डराने-धमकाने के समान है। आई.सी.ई. के अधिकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया खातों पर नज़र रख रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं और वकीलों में चिंता पैदा हो गई है। उनका मानना है कि यह निगरानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। यह कदम आलोचकों को चुप कराने और आई.सी.ई. की नीतियों पर सवाल उठाने वालों को हतोत्साहित करने का प्रयास हो सकता है। इस निगरानी के प्रभाव को लेकर बहस छिड़ गई है, कुछ का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है, जबकि अन्य इसे गोपनीयता का उल्लंघन मानते हैं। इस मुद्दे पर और जांच की आवश्यकता है।