अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) से इज़राइल द्वारा फ़लस्तीनी बंदियों के खिलाफ यौन हिंसा के व्यवस्थित इस्तेमाल की जाँच करने की मांग ज़ोर पकड़ रही है। हाल ही में, इस तरह के हमलों के व्यवस्थित होने के बढ़ते प्रमाण सामने आए हैं। ये आरोप फ़लस्तीनी महिला और पुरुष बंदियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और हिंसा से संबंधित हैं। मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये कृत्य युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के दायरे में आ सकते हैं। ICC पर अब इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच करने का दबाव बढ़ रहा है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इज़राइल के अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की आवश्यकता होगी। यह मामला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
