अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के सदस्यों ने अभियोजक करीम खान को यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण पद से हटा दिया है। 2021 में चुने गए खान को 82 सदस्यों के समर्थन से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि उनकी भूमिका पहले ही निलंबित कर दी गई थी। आईसीसी की निगरानी संस्था ने जांच में पाया कि खान पर एक युवा महिला कर्मचारी के साथ अनुचित यौन संबंध बनाने और उसकी शिकायत दर्ज कराने में बाधा डालने का आरोप है। खान ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जबकि उनके वकील ने फैसले को कानूनी माध्यमों से चुनौती देने की बात कही है। आईसीसी ने सभी 125 सदस्य देशों के बीच मतदान कराया था। न्यायालय ने कहा कि वह सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह फैसला न केवल एक अभियोजक का मामला है, बल्कि आईसीसी की प्रतिष्ठा और भविष्य को प्रभावित कर सकता है, जिसके खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में हमलों में तेजी आई है। खान, जो गाजा में युद्ध अपराधों की जांच के कारण अमेरिका में प्रवेश करने से प्रतिबंधित थे, मतदान में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके।