अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजक करीम खान को यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण उनके पद से हटा दिया गया है। यह निर्णय अपेक्षित था और आईसीसी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। खान को 2025 से निलंबित कर दिया गया था, और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय न्यूयॉर्क में 24 जुलाई को एक विशेष बैठक के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से बर्खास्त करने का फैसला किया गया। यह मामला न्यायालय के भीतर एक गंभीर चिंता का विषय बन गया था। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, आईसीसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया। खान के खिलाफ लगे आरोपों की विस्तृत जांच की गई थी जिसके बाद यह अंतिम निर्णय लिया गया। इस फैसले से आईसीसी की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।