बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस वर्ष देश वापसी और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की कसम खाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में लोकतंत्र खतरे में है। हसीना ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा चुनावों को बाधित करने के प्रयासों की भी आलोचना की। प्रधानमंत्री ने अपने समर्थकों से एकजुट रहने और देश की स्थिरता बनाए रखने का आग्रह किया। हसीना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि वे देश को मजबूत करने और विकास के पथ पर अग्रसर रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
