गौगाह झरने के प्राकृतिक सौंदर्य को जलविद्युत परियोजना के कारण गंभीर नुकसान हुआ है। बांध निर्माण के चलते झरने का जल प्रवाह बाधित होने से झरने का मूल स्वरूप बिगड़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने झरने की मूल पहचान और सौंदर्य को बहाल करने की संभावना को कम बताते हुए, इसे राष्ट्रीय धरोहर के दर्जे से हटाने का प्रस्ताव दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलविद्युत परियोजना के कारण झरने के आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए सरकार के निर्णय का इंतजार है। झरने के संरक्षण को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। यदि दर्जा रद्द होता है, तो यह वियतनाम की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण मामला होगा।