फिनलैंड में, एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया है। पहले, अपील अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा से बचा लिया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय (KKO) ने उस फैसले को पलट दिया है। KKO ने माना कि यह हत्या थी, और इसलिए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए कम सजा उचित नहीं है। यह मामला घरेलू हिंसा और उसके घातक परिणामों पर प्रकाश डालता है। आरोपी ने अपनी पत्नी पर चाकू से हमला किया था, जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। इस फैसले से पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय मिला है।