एक महिला को उसके पति को जहर देने के आरोप में बारह साल की जेल की सजा सुनाई गई है। कई वर्षों तक पीड़ित व्यक्ति के रक्त परीक्षणों में असामान्य परिणाम आते रहे, लेकिन जहर का कारण अज्ञात था। जांच में पता चला कि महिला ने धीरे-धीरे अपने पति के भोजन में जहर मिलाया था। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि महिला का मकसद अपने पति से छुटकारा पाना था। अदालत ने महिला को दोषी पाया और उसे कड़ी सजा सुनाई। इस मामले ने स्वीडन में व्यापक ध्यान आकर्षित किया है और घरेलू हिंसा के मामलों पर बहस को फिर से जन्म दिया है। महिला ने आरोपों से इनकार किया है और उसने अपील करने की योजना बनाई है।