हंगरी में जन्मदर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान द्वारा शुरू की गई प्रोत्साहन योजनाओं पर सवाल उठ रहे हैं। डेब्रेसेन शहर में रहने वाली बारबरा एलेक और उनके पति लेवी, सरकार द्वारा दिए गए ऋण और अन्य लाभों के बावजूद, दो बच्चों के वादे को पूरा नहीं कर पाए हैं और अब ऋण चुकाने में संघर्ष कर रहे हैं। कई अन्य परिवारों की स्थिति भी ऐसी ही है, जिससे इस कार्यक्रम की प्रभावशीलता पर संदेह पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय प्रोत्साहन अकेले जन्मदर बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। सामाजिक और आर्थिक कारकों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। इस प्रयोग से पता चलता है कि जन्मदर को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नीतिगत दृष्टिकोण की आवश्यकता है। सरकार अब इस मामले की समीक्षा कर रही है।
