हंगरी के नए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति तामास सुल्लोक को संविधान संशोधन के माध्यम से पद से हटाने की योजना बनाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एक गंभीर मिसाल कायम कर सकता है। आलोचकों का कहना है कि प्रधानमंत्री डैनियल मग्यार इस कदम से देश में राजनीतिक अस्थिरता ला सकते हैं। इस फैसले से हंगरी की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ सकते हैं। राष्ट्रपति सुल्लोक ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटना हंगरी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि संविधान संशोधन की प्रक्रिया जटिल होगी और इसमें समय लग सकता है।
