हंगरी में अतिथि श्रमिकों को लेकर सरकार और व्यापारिक नेताओं के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री पीटर मग्यार का रुख है कि इन श्रमिकों को वापस भेजा जाना चाहिए। वहीं, उद्योग जगत के प्रतिनिधि दसियों हज़ार अतिरिक्त श्रमिकों को आमंत्रित करने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। व्यापारिक नेता, अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अधिक श्रमिकों की आवश्यकता पर ज़ोर दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मग्यार की नीति, श्रम बाज़ार को लेकर उनकी अलग सोच को दर्शाती है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। यह विवाद हंगरी की आर्थिक नीतियों और श्रम बाज़ार पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
