हंगरी की नई सरकार के लिए ऑर्बन द्वारा नियुक्त राष्ट्रपति को हटाना एक बड़ी जीत थी, लेकिन उनके उत्तराधिकारी के रूप में शतरंज की दिग्गज जूडित पोल्गार को जल्दबाजी में नामांकित करने का प्रयास उनकी पहली बड़ी चूक साबित हुआ। पोल्गार ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन अस्वीकार कर दिया है, जिससे सरकार को अब नया उम्मीदवार खोजना होगा। यह घटनाक्रम हंगरी की राजनीति में एक अप्रत्याशित मोड़ है, क्योंकि पोल्गार को व्यापक रूप से सम्मानित किया जाता है और उनका समर्थन व्यापक होता। सरकार को अब एक ऐसे उम्मीदवार को ढूंढना होगा जो विभिन्न राजनीतिक गुटों को एकजुट कर सके। पोल्गार के इनकार से नई सरकार के लिए चुनौतियों बढ़ गई हैं, और राजनीतिक अस्थिरता का खतरा उत्पन्न हो गया है। इस घटना ने हंगरी में राजनीतिक गतिशीलता को और जटिल बना दिया है।