हंगरी के सबसे बड़े मांस प्रसंस्करण संयंत्र, मास्टर गुड और नई सरकार के बीच एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। यह विवाद शुरू में विदेशी श्रमिकों के आयात को लेकर था, लेकिन बाद में सरकारी सब्सिडी और वेतन के मुद्दों ने भी इसमें शामिल हो लिया। विवाद का केंद्र बिंदु 120 बिलियन फ़ोरिंट का एक बड़ा निवेश है, जो कुछ सौ विदेशी श्रमिकों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। सरकार विदेशी श्रमिकों की संख्या को लेकर चिंतित है, जबकि मास्टर गुड को उत्पादन बढ़ाने के लिए उनकी आवश्यकता है। विपक्ष के नेता, Magyar Péter ने मास्टर गुड पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी सच्चाई की जांच की जा रही है। इस गतिरोध का असर देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है।