फ़िडेज़ पार्टी का कहना है कि हंगरी अब लोकतांत्रिक शासन और कानून के शासन द्वारा शासित देश नहीं रहा। पार्टी ने हाल ही में मौलिक कानून में किए गए 17वें संशोधन के बाद यह दावा किया है। फ़िडेज़ ने अब खुद को "लोकतांत्रिक शासन बहाल करने" के मिशन पर केंद्रित बताया है। इस कदम से हंगरी की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है। आलोचकों का मानना है कि यह दावा सरकार द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने के प्रयासों को छिपाने का प्रयास है। वहीं, फ़िडेज़ समर्थकों का कहना है कि यह कदम हंगरी की संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक था। इस मुद्दे पर हंगरी में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।