हंगरी सरकार कम्युनिस्ट शासन के दौरान गुप्तचरों की पहचान उजागर करने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रमुख, बालिंट रफ के अनुसार, अनुमान है कि 60,000 से 80,000 लोगों के नाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं। ये नाम कम्युनिस्ट-युग के गुप्तचर दस्तावेजों में दर्ज हैं। इस कदम का उद्देश्य अतीत की सच्चाई को सामने लाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। हालांकि, नामों को सार्वजनिक करने की समय-सीमा अभी निर्धारित नहीं की गई है। यह जानकारी हंगरी के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। सरकार इस प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।