यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों में बदलाव किया गया है, जिसके पीछे हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर मग्यार का जोर था। इन बदलावों का उद्देश्य यूक्रेन की यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर तात्कालिकता की भावना को कम करना है। मूल पाठ में "जितनी जल्दी हो सके" वाक्यांश को हटा दिया गया है, जिससे प्रक्रिया की समय-सीमा को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। हंगरी ने यूक्रेन की सदस्यता को लेकर जल्दबाजी के फैसले का विरोध किया था। इस बदलाव से संकेत मिलता है कि यूरोपीय संघ में यूक्रेन की सदस्यता पर सहमति बनाने में चुनौतियां बनी हुई हैं। यह कदम यूक्रेन के यूरोपीय संघ में शामिल होने की राह में एक संभावित बाधा के रूप में देखा जा रहा है। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद हैं, और हंगरी की भूमिका महत्वपूर्ण है।