हंगरी सरकार ने ईंधन पर मूल्य नियंत्रण हटाने का फैसला किया है, जिससे देश में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। सत्तारूढ़ फिडेज़ पार्टी के संसदीय नेता गुल्यास गेर्गेली ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “अविवेकपूर्ण और खतरनाक” बताया है। प्रधानमंत्री पीटर मग्यार ने 18 जून को इस बदलाव की घोषणा की थी, जिसके बाद यह मुद्दा गरमा गया है। गुल्यास गेर्गेली का मानना है कि यह एक गंभीर गलती है और इसका आम नागरिकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस फैसले से लाखों लोगों के प्रभावित होने की आशंका है, क्योंकि ईंधन की कीमतें बढ़ने की संभावना है। सरकार का तर्क है कि यह कदम बाजार को स्थिर करने और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है, लेकिन विपक्ष और फिडेज़ के भीतर के कुछ सदस्यों ने इसकी आलोचना की है।